खो गयी देशभक्ति आधा हुआ हिंदुस्तान,
खुद के बारे में सोचते रह गए ये नेता महान।
जिनकी रगों में हिन्दुस्तानी खूं की लहर बहती थी
उनकी ख़ातिर नयनों में लेशमात्र प्रेम बाकि नहीं है
साक्षी हैं सूनी गोदें उन बिलखती माताओँ की
जिनके अश्क़ विरक्त आँखें करुण गाथा की गवाही दे रही
हुआ खून उस त्याग का जिसने रचा देश का स्वर्णिम इतिहास
पर नहीं है आज नेताओं को उस बलिदान का एहसास
नेहरू गांधी का नाम तो लिया
पर हिम पर्वत पर गिरे रक्त को भुला दिया
सुभाष ,पटेल,शास्त्री जी की जयंती का कोई नामोनिशान नहीं है।
क्यों इनकी भूमिका पर कहीं कोई ध्यान नहीं है।
मानेक जैसे वीरों का ध्यान ना ये कर पाये।
जिनके बल पर आज तलाक ये जीतते आये
हुआ खून उस त्याग का जिसने रचा देश का स्वर्णिम इतिहास
पर नहीं है आज नेताओं को उस बलिदान का एहसास
नेहरू गांधी का नाम तो लिया
पर हिम पर्वत पर गिरे रक्त को भुला दिया
सुभाष ,पटेल,शास्त्री जी की जयंती का कोई नामोनिशान नहीं है।
क्यों इनकी भूमिका पर कहीं कोई ध्यान नहीं है।
मानेक जैसे वीरों का ध्यान ना ये कर पाये।
जिनके बल पर आज तलाक ये जीतते आये
राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री जी को भी याद होगा
मानेक जैसे वीरों का सम्मान उन्हें करना होगा।
Shruri...
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